हाउसवाइफ कहने के लिए एक साधारण सी औरत जो सिर्फ घर के चारदीवारी में रहने वाली और घर के कामों में व्यस्त रहने वाली औरत की तस्वीर हमारे दिमाग में आ जाती है लेकिन उस हाउसवाइफ के ऊपर कितनी जिम्मेदारियां है रहती है कभी सोचा है आपने
अगर वह चाहे तो घर को स्वर्ग बना दे और वह चाहे तो घर को नर्क बना दे एक साथ परिवार को लेकर चलना सभी का ख्याल रखना इतना आसान नहीं है आज मुझे एक ऐसी लड़की से मुलाकात हुई जिसकी शादी के अभी 2 साल ही हुए और तलाक भी हो गया और वह बहुत सारी बातें बताएं जो मैं आपसे शेयर करती हूं
वह लड़की एक साधारण परिवार से थी और शादी भी साधारण परिवार में ही हुई लेकिन वह ससुराल में सामंजस्य नहीं कर पाती थी छोटी-छोटी बातों पर चिढ जाती थी अब अपने माता-पिता के साथ रहने वाले एकदम से दूसरे घर में जाती है तो थोड़ा तो अर्जेस्ट करना ही पड़ता है बहुत सारे नए रिश्ते जुटजाते हैं नए जिम्मेदारियां बढ़ जाती है एक ही लड़की को पत्नी बहू भाभी चाची जेठानी देवरानी और बहुत सारे रिश्ते निभाने पड़ते हैं लड़की जहां पली-बढ़ी रहती है वहां का रहन सहन और ससुराल का रहन-सहन एक दूसरे से अलग रहते हैं
लेकिन हम चाहे तो सभी जिम्मेदारियां बखूबी निभा सकते हैं और बहुत अच्छे से अपने परिवार को इकट्ठा बांध कर रख सकते हैं उस लड़की से बातें करने के बाद मुझे लगा कि इस टॉपिक पर लिखना चाहिए कि एक जिम्मेदार हॉसवाइफ कैसे बने
रिस्पेक्ट सबसे पहले हमें सभी का रिस्पेक्ट करना चाहिए यह नहीं होना चाहिए कि सर पर पल्लू लिए हैं पैर छूकर प्रणाम करते हैं तो यह रिस्पेक्ट करना हो गया दिल से आदर करना चाहिए
सभी के जरूरतों का ख्याल रखना चाहिए फैमिली में सभी का कब क्या जरूरत है उसका ध्यान रखना चाहिए जैसे पति का ऑफिस या फिर अपने काम पर जाना होता है तो समय से खाना बना कर देना चाहिए जैसे परिवार में कोई बच्चा है जो कि स्कूल जाता है तो उसका लंच बगैरा समय से बना कर देना चाहिए वैसे तो आप अकेले ही सब कुछ नहीं कर पाएंगे इसके लिए आपको परिवार के दूसरे लोगों से मदद लेना ही पड़ेगा लेकिन ख्याल आपको ही रखना पड़ेग
माता पिता के घर से ससुराल वालों की तुलना नहीं करनी चाहिए कभी-कभी ऐसा होता है कि हम हाउसवाइफ अपने माता-पिता के बारे में अपने भाई बहन के बारे में बढ़ा चढ़ाकर बोलने लगते हैं कि मेरे पापा इतने अच्छे हैं मेरा भाई बहुत अच्छा है आप लोग वैसे नहीं हैं तो यह सब नहीं होना चाहिए
चुगली करना कभी-कभी ऐसा होता है कि हम ससुराल की सभी बातें अपने मां को सहेली को बताने लगते हैं उन लोगों की शिकायत करने लगते हैं झगड़ा किस परिवार में नहीं होता है लेकिन इसका मतलब तो यह नहीं है कि हम अपने परिवार की बुराइयां हर जगह करने लगे आप एक साथ परिवार में रह रही हैं कभी झगड़ा हुआ भी तो मेल हो जाएगा लेकिन आपके ससुराल वालों का छवि तो आपके मां सहेली आपके रिश्तेदारों के सामने तो खराब हो जाएगी कि अरे उसके ससुराल वाले बहुत झगड़ालू हैं यह सब नहीं होना चाहिए
अपने ससुराल को अपना समझिए अपने ससुराल वालों के रीति रिवाज व्यवहार वहां का दिनचर्या को अपना समझना चाहिए और दिल से परिवार वालों को अपना समझना चाहिए अच्छा बनने के लिए पहल तो खुद करना चाहिए तब तो आप दूसरों से अच्छाई का आशा कर सकते हैं
धन्यवाद