sas ka dil kaise jiteसास का दिल कैसे जीते


 हैलो फ्रेंड्स, स्वागत है मेरे इस ब्लॉग  में जिसमें आज हम चर्चा करेंगे कि ,अपनी सास की  हम लाडली बहू कैसे बन सकते हैं। और आज का टॉपिक है "सास का दिल कैसे जीते"आज का मेरा यह ब्लॉग पढ़कर  हंसी भी आयेगी | क्योंकी, आज मैं आप लोगों को ऐसी ऐसी उदाहरण दूंगी कि आपके मन में जो सास  के प्रति खौफ बैठा रहता है की  सास के साथ अर्जेस्ट करना बड़ी  मुश्किल बात है।  हंसी  ही हंसी में  दिल से निकल जाएगी। सास भी मां समान है, बल्कि मां है मेरी। इस बात को मन में बैठा लीजिए। तो कभी भी कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। लेकिन कुछ गलतफहमीयो की वजह से रिश्तो में दरारे आने लगती है। और एक दिन यही दारारे कहासुनी में बदल जाती है। सास के मन में गलतफहमी रहती है कि बहू अब घर में आ गई तो मुझे कोई अब भाव ही नहीं देता है। बहू अपने मन की कर रही है। मेरे घर को जो मैंने इतनी मेहनत से संभाल कर चला रही थी वह आज अपने हिसाब से कर रही है| यह प्रॉब्लम कुछ दिनों तक ही चलती है बाद में ज्यों-ज्यों समय गुजरता है परिस्थिति बदलती जाती  है और सब ठीक होने लगता है| तब वहीं सास बहू से कहती है बहू जो तुम्हें ठीक लगे वही कर| यह प्रॉब्लम्स शुरुआत में ही होती है जिन लड़कियों की नई नई शादी हुई है या होने वाली  हैं| मैं खासकर उन लड़कियों को  हंसी मजाक में ही कुछ टिप्स देती हूं ताकि उनका हर दिन प्रेम से भरा हो|

तो सास की लाडली बहू बनना है तो इन पांच बातों पर ध्यान दें|

पहली बात अगर हमें ससुराल में सास ननंद के साथ प्रेम से रहना चाहते हैं| तो एक कहावत आपने भी सुनी होगीकी ससुराल में रहना है तो आंख बहरा और कान गहरा कर लो| इसका मतलब यह नहीं कि सास कोई काम कहे तो आप सुने ही नहीं अगर सास की  नहीं सुनी तो आप और मुसीबत में पड़ सकती हैं|कान का बहरा  होना मतलब अगर आपकी  शिकायत हो रही हो तो आप उसे सुने ही ना|  क्योंकि कुछ भी कर लीजिए आपकी  थोड़ी बहुत तो  शिकायत होगी ही | और इस बात को ध्यान में रखिएगा कि  मेरी बुराई कर रही है तो ये  रिश्ता आप नहीं सुधार पायेगा |और आंख गहरा का मतलब है कि अगर सासू मां कोई काम कर रहे हैं तो उसमें अपना तर्क मत दीजिए |उनको | अपने हिसाब से करने दीजिए गलत काम हो रहा हो या यह काम गलत हो जाएगा यह देखकर भी कुछ बोलिए मत| हमें  हां में सर हिलाना है|

दूसरी बात सास के साथ हमें तर्क में नहीं जाना है| तर्क का मतलब है कि वह कुछ बोले रही  हैं और हम कुछ और बोल रहे हैं हम आपको एक उदाहरण के साथ समझा रहे है| मान लीजिए कि वहां एक गाय खड़ी है और सासू मां बोल रही है कि वहां एक बैल  है| तो वहां अपना तर्क मत दीजिए कि मांजी  वहां गाय खड़ी है सासू मां बोली की बैल  है| तो आप भी बोलो हां मांजी   बैल ही है अगर आप अपना तर्क दीजिएगा कि वहां बैल नहीं गाय है तो फिर समझ लीजिए |क्योंकि गाय को दो सिंग  भी होते हैं आगे आप खुद समझदार हैं मैं कहना क्या चाहती हूं|

तीसरी बात मान लीजिए सास आपको कोई काम दे रही हैं और बता रहे हैं कि यह काम ऐसे करो |तो ध्यान से  उनकी बातें सुनो| मान लीजिए किचन का ही काम कोई दें कि सब्जी इस तरीके से बनाना है या इनको इस तरीके से खाना देना है तो आप हां बोलती रहें| वहां अपना दिमाग मत लगाना कि मांजी  इस तरीके से सब्जी बनाएंगे तो अच्छी नहीं बनेगी |हम अपने तरीके से बनाएंगे| यह मत करना जब वह बता रही हैं तो हमें सिर हिलाते रहना और उनको विश्वास दिला देना कि मां जी आपने जैसे बताए हैं मैं वैसे ही उसी तरीके से सब्जी बनाऊंगी| फिर बाद में जब आप काम कर रही हो  तो आप अपना दिमाग लगाइए की सास का तरीका अच्छा था या मेरा तरीका अच्छा है वैसा करिए| सास आपके पीछे पीछे थोड़े ही रहेंगी | यह बातें हैं बहुत छोटी छोटी सी लेकिन है बड़े काम की | यह सब तो लाडली बहू बनने के लिए करना ही पड़ेगा|                                                                                              चौथी बात आप उनका सम्मान करिए| आपका पति भी चाहता है कि मेरी पत्नी मेरे माता-पिता का सम्मान करें| कभी-कभी अपने पति की  अपने सास के पास कुछ खिंचाई कर लेनी चाहिए मतलब कुछ बुराई कर दीजिए उनके कुछ आदतों के बारे में बोल दीजिए| और पति लोग भी अपने मां के सामने अपनी पत्नी पर प्यार मत जतलाये | सासू मां को यह सब अच्छा नहीं लगता है| पति पत्नी का प्यार बंद कमरे में ही रखिए मां के सामने मत जतलाये  कि हम दोनों में बहुत प्यार है नहीं तो आपकी पत्नी को ही खामियाजा भुगतना पड़ेगा|

पांचवी बात अगर कोई पर्व त्योहार हो जैसे तीज करवा चौथ तो अपने सास को गिफ्ट जरूर दें| और उनको प्रणाम कर आशीर्वाद जरूर ले| वह हमारी पूजनीय हैं| उनके हर जरूरत के सामान का ध्यान रखिए दवाई से  लेकर मेकप  तक का ख्याल रखिए| कहीं जा रहे हैं तो अच्छे से तैयार होने में मदद करिए| कभी भी उनको अपनी बेटी की कमी महसूस  मत होने दीजिए |मां का ख्याल बेटियां ऐसे ही तो रखती है| और जब बेटी की शादी हो जाती है तो सारी उम्मीदें अपनी बहू से करती है की बहू भी  मेरी बेटी की तरह ख्याल रखें|

यह कुछ छोटी-छोटी टिप्स लेकिन बड़े  काम की | खास जिन लड़कियों की नई-नई शादी हुई है या होने वाली है उनके मन में यह दुविधा रहती है कि हमें सांस के सामने कैसे रहना है | | सास भी हमारी मां ही है इस बात को मत भूलिए और हर दुबिधा  को मन से निकाल कर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करिए|

                                                                                                                                     धन्यवाद



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