सबसे पहले तो हमारे मन में यह नेगेटिव सोच हैं की हाउसवाइफ खुश रह ही नहीं सकती पहले इन बातों को दिमाग से निकाल दीजिए आप अपनी अहमियत को समझिए आप घर के मालकिन हैं हाउसवाइफ की एक मतलब यह भी है गृह स्वामिनी यानी घर की मालकिन अपने आप पर प्राउड फील करिए
देखिए आपने भी नोटिस किया होगा कि जो महिलाएं जॉब करते हैं वह अपने परिवार को इतना समय नहीं दे पाते जिसके वजह से परिवार के सभी लोग उनसे उतना करीब नहीं रहता जितना कि हम हाउसवाइफ के करीब रहते हैं मेरा मतलब यह नहीं है कि महिलाएं बाहर निकल कर काम नहीं करें मैं उन वर्किंग लेडी के भी साथ हूं मैं उन वर्किंग लेडी के ऊपर भी ब्लॉग लिखूंगी जो कि घर संभालने में सहायक हो उन लेडी को तो दुगुनी भूमिका निभानी पड़ती है मैं तो सिर्फ आप हाउसवाइफ के दिमाग में जो नकारात्मक सोच भरी है की हाउसवाइफ खुश नहीं रह सकती मैं उसी नकारात्मक सोच को निकालना चाहती हूँ
अगर आप हाउसवाइफ हैं तो सबसे पहले आपके बच्चे आपके बहुत करीब हैं आप अपने बच्चों की हर छोटी-बड़ी हरकत पर नजर रख सकते हैं और बच्चे भी पूरी तरह से अपने आप को सेफ फील करते हैं कि चलो मम्मी है कभी कुछ भी जरूरत हो तो हम मम्मी से पूछ सकते हैं और सबसे पहले आपके पास ही आएगा मम्मा ये मम्मा वो और कोई ऑफिस नहीं कोई बस नहीं खुद घर पर रहना और खुद के बॉस हैं कोई भाग दौड़ नहीं जैसे कि वर्किंग लेडी को हमेशा भागदौड़ करना पड़ता है कभी घर कभी ऑफिस आपको तो प्राउड फील करना चाहिए कि हम हाउसवाइफ हैं हम खुद के बॉस हैं मुझे बॉस के पास कोई जवाब नहीं देना है खुद को खुश रखने के लिए अपने आप को मोटिवेट करना चाहिए खुद की वैल्यू करना चाहिए
आप अपने आप को मोटिवेट करिए और यह सोचिए कि आपका पूरा परिवार शरीर का अंग है तो आप धड़कन अगर किसी शरीर में धड़कन नहीं चलेगी तो क्या शरीर का कोई अंग काम करेगी नहीं नाआपने खुद नोटिस किया होगा जिस दिन आपका मूड खराब रहता है उस दिन परिवार में भी कोई खुश नहीं रहता बल्कि आपके बच्चे भी गुमसुम रहते हैं आपके उदासी का आप के गुस्से का पूरे परिवार पर प्रभाव पड़ता है जिस दिन आप खुश हैं उस दिन परिवार में भी सब खुश नजर आता होगा आपका उदासी आपका खुशी सब परिवार से जुड़ा है तो आप यह तो नहीं चाहेंगे कि आपका परिवार उदास हो तो आप खुश रहिये
मान कर चलिए कि आपका घर एक महल है और आप वहां की रानी अब आप कहिएगा की मैं तो इस घर की नौकरानी हूं मैं तो सारा दिन काम करते ही रहती हूं लेकिन यह सोचिए कि आप रानी है यह महल आपका है तो आपको ही ख्याल रखना होगा जो जितना बड़ा पद पर रहता है उसे इतनी जिम्मेदारियां उठानी पड़ती है महल आपका है तो फिर उसका देखरेख कौन करेगा अगर आप घर की साफ सफाई करते हैं तो आप का महल साफ सुथरा रहेगा क्या रानी कोई काम नहीं करती उसे भी सब का ख्याल रखना पड़ता हैं सबके जरूरतों का सबके सेहत का ख्याल रखना पड़ता हैं वहीं काम आप कर रहीं हैं ऐसा सोच रखिए अपने मन में आपको अपने घर का काम करके कितना आनंद आएगा
दूसरी बात आप अपने आप को रानी की तरह तैयार करके रखिए कितनी लेडी को मैंने देखी है कि अरे घर में ही तो रहते हैं कहीं बाहर थोड़े ही जाना है ऐसा नहीं करना है अपने आपको हमेशा तैयार करके रखिए ऐसा करने से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा आपमें फ्रेशनेस रहेगी तो आप सभी कामों को सरल रूप से कर पाएंगे देखिए घर में है तो काम होगा ही काम हमें ही करना है इस बात को आप खुशी-खुशी एक्सेप्ट करिए अगर आप किसी काम को जबरदस्ती करिएगा तो आप खुश नहीं रह पाएंगे
मान लीजिए घर में बच्चा है तो उसको तैयार करके स्कूल भेजने में अच्छा लगता है लेकिन जब उसके लिए लंच बना कर देने की बात आई तो आपका मूड खराब हो गया यह नहीं होना चाहिए आप इन बातों को समझइए अगर आप बच्चों को समय से हेल्दी लंच बना कर नहीं दीजिएगा तो वह कमजोर होता चला जाएगा वह बीमार पड़ सकता है यह आप तो नहीं चाहेंगी कि बच्चा बीमार हो आप यह सोचिए कि हेल्दी खाना खिलाने से मेरा बच्चा स्वस्थ रहेगा थोड़ी मेहनत ही ना करनी पड़ेगी मेरा बच्चा स्वस्थ रहेगा यह सोच कर ही आप खुश हो जाएगा कि मेरा बच्चा स्वस्थ रहेगामैं बस इतना समझाना चाहती हूं कि हर चीजों की दो पहलू होते हैं एक तो ना कर आत्मा दूसरा सकारात्मक तू हमेशा आप सकारात्मक सोचिए
मान लीजिए अब आपका बच्चा छोटा है तो शैतानियां तो करेगा ही बच्चे शैतानी नहीं करेंगे तो क्या बड़े शैतानी करेंगे अब इसी बात को लेकर आप टेंशन में हैं कि बच्चे बहुत शैतान हैं इसके पॉजिटिव बातें सोचिए कि बच्चे छोटे हैं कुछ दिन ही तो शैतानी करेगा बड़ा होने के बाद वह पढ़ने के लिए बाहर चला जाएगा या फिर घर पर ही पढ़ाई में बिजी हो जाएगा तो इसकी शैतानी देखने के लिए तो आंखे तरसेगी उसके साथ आप भी खेलिए ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा आप अपने बच्चों के साथ आप भी बच्चा बन जाइए देखिए कितनी खुशी मिलती है आपको
मेरे कहने का मतलब है कि आप पॉजिटिव पॉइंट्स सोचिए सोचते ही आपके चेहरे पर खुशी आ जाएगी बहुत सी महिलाएं दूसरों के साथ अपनी तुलना करने लगती है जैसे पड़ोस में कोई महिला है तो उसके पास गाड़ी है उसके पास बंगला है उसके बच्चे कामयाब हैं मेरे पास कुछ नहीं है मेरे बच्चे बिगड़े हुए हैं या फिर अपने रिलेशन में ही मेरी बहन ऐसे रहती है मेरी मां ऐसे रहती हैआप अगर अपनी तुलना दूसरों के साथ करेंगे तो कभी भी खुश नहीं रह पाएंगे आपके पास जो है उसी को संभालिए और उसी को अपना समझ कर उसे बेहतर बनाने की कोशिश करिए आप अपने आप को सहनशील बनाइए आत्मविश्वास जगाइएकि हम अपने परिवार को प्यार से रख सकते हैं और मेरा परिवार सबसे अच्छा है तो खुशी अपने आप ही आपके चेहरे पर आ जाएगी
अब आप बताइए कि आप खुश रहने के लिए क्या क्या करती हैं इस ब्लॉग में इतना ही फिर मिलते हैं दूसरे ब्लॉग में एक नई टॉपिक के साथ
धन्यवाद