हेल्लो दोस्तो स्वागत है आप सभी का हमारे आज के ब्लॉग में तो दोस्तो कैसे है आप सब मै भगवान से प्रार्थना करूंगी आप सभी बिल्कुल ठीक हो दोस्तो आज हम आप सभी के साथ एक नया टॉपिक लेकर आये है,
दोस्तों हम हमेशा अपने घरो के मंदिर या किसी भी अर्चना स्थल पर घंटी बजाते तो है लेकिन ये क्यों बजाते है ये हमें पता नहीं रहता है तो आज हम जानेंगे की घर के मंदिर में क्यो बजाते है घंटी, और क्यो करते है शंख नाद, क्या है इसे बजाने का सही समय और इसके धार्मिक और वैज्ञानिक तथ्य जानते है हमारे ब्लॉग में,
वैज्ञानिक तथ्य है-
किसी भी मंदिर या किसी भी अर्चना स्थल पर पूजा की घंटी और शंख बजाने से वातावरण के कीटाणु नष्ट हो जाते हैं और वातावरण शुद्ध हो जाता है शंख की ध्वनि से मलेरिया के मच्छर भी खत्म होते हैं शंखनाद से सकारात्मक ऊर्जा का सृजन होता है जिससे आत्मबल में वृद्धि होती है शंख में प्राकृतिक कैल्शियम गंधक और फास्फोरस की भरपूर मात्रा पाई जाती है प्रतिदिन शंख फूकने वाले व्यक्ति को गले और फेफड़ों का रोग नहीं होता है शंख बजाने से स्मरण शक्ति तेज होती है अगर कोई व्यक्ति अच्छे से शंख बजा लेता है तो उसके हार्ड में कभी भी किसी प्रकार का रोग नहीं होगा बहुत लोग कहते हैं कि महिलाओं को शंख नहीं बजाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता है स्वस्थ रहने के लिए सबको शंख बजाना चाहिए चाहे वह महिला हो या पुरुष हो शंख बजाने में लिंग भेद नहीं होता है,
जब आप दिया दिखाने लगते हैं या कपूर से आरती करने लगते हैं जब अग्नि प्रज्वलित होती है तब शंख और घंटी बजनी चाहिए क्योंकि अग्नि और वायु तत्व दोनों एक दूसरे के मित्र होते हैं कई लोगों को मैंने देखा है लोग पूजा कर लेते हैं उसके बाद घंटी या शंख बजाकर पूजा समाप्त करते हैं लेकिन यह बिल्कुल गलत है पूजा में दिया दिखाते समय हमारे बाएं हाथ में घंटी बजना चाहिए और दाएं हाथों से दिया दिखाना चाहिए और दिया हम ऐसे दिखाएं जिससे ॐ आकृति बनती हो दीपक दिखाने के बाद में हाथ धो लेना चाहिए क्योंकि दीपक दिखाने के बाद हाथ धोना जरूरी हो जाता और एक बार जब भगवान को भोग लगाते हैं उस समय भी घंटी और शंख बजनी चाहिए
धार्मिक तथ्य -
मधुर ध्वनी जैसे शंख घंटी देवताओ को बहुत पसंद है लगातार घंटी बजाने से देवताओ में चेतना जागृत होती है और भगवान की नजर में भक्तो की हाजिरी बन जाती है घंटी और शंख की ध्वनी देवताओ के मन को लुभाती है इससे देवता अपने भक्तो के विनती को जल्द ही पूरी करते है स्कंद पुराण में ऐसा माना गया है की घंटी की ध्वनी से ॐ की ध्वनी उत्पन्न होती है जो मन मस्तिस्क और वातावरण के लिए बहुत ही फायदे मंद मन जाता है ॐ के उच्चारण से देवता प्रसन्न होते है इसलिय मंदिरों या किसी भी अर्चानास्थल पर घंटी या शंख इत्यादि बजने की परम्परा चली आ रही है
तो दोस्तों कैसी लगी हमारी ये आज की ब्लॉग दोस्तों हम तो हमेशा घंटी और शंख बजाते थे लेकिन वो गलत बजाते थे की सही ये पता नहीं था तो हम आशा करते है की हमारी ये ब्लॉग आपको अच्छी लगी होगी और समझ में भी आई होगी तो दोस्तों अगर आपको हमारी ये ब्लॉग अच्छी लगे तो इस ब्लॉग को सब्सक्राइब कर दे और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करे क्या पता आपके दोस्त भी गलत तरीके से घटी और शंख बजाते होंगे तो उन्हें भी हमारी ये जानकारी दे और अगर आपको कुछ ऐसी ही चाहिए तो आप हमारे ब्लॉग पर आकर जानकारी ले सकते है
धन्यबाद Thankyou ........
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